Home राजस्थान रायसिंहनगर (श्रीगंगानगर) रायसिंहनगर : बिश्नोई मंदिर में जम्भेश्वर भगवान का धूमधाम से मनाया 572वां जन्मोत्सव, नई कार्यकारिणी की रणनीति पर किया विचार… पढ़िये पूरी खबर

रायसिंहनगर : बिश्नोई मंदिर में जम्भेश्वर भगवान का धूमधाम से मनाया 572वां जन्मोत्सव, नई कार्यकारिणी की रणनीति पर किया विचार… पढ़िये पूरी खबर

रायसिंहनगर। शहर में स्थित बिश्नोई मंदिर में जम्भेश्वर भगवान का 572वां जन्मोत्सव शुक्रवार की रात्री जन्माष्टमी के दिन स्वामी राजेन्द्रानंद महाराज के सान्धिय में जागरण के साथ ही शनिवार को सुबह मंदिर में कलश स्थापना, नवनिर्मित मंदिर एवं हॉल के नवीनीकरण के लोकार्पण व हवन-पाहळ के साथ सम्पन्न हुआ। सुबह कार्यक्रम में पहुंचे श्रद्धालुआंे के लिए लंगर बरताया गया। वहीं कार्यक्रम में 80 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाने वाले बिश्नोई समाज के छात्र-छात्राओं एवं पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के पूर्व अध्यक्ष रामस्वरूप मांझू ने कहा कि बिश्नोई समाज आज अपने पंथ पर्वतक श्री गुरू जम्भेश्वर भगवान का 572वां जन्मोत्सव मना रहा है। इस मौके पर समाज के सभी माता-बहनों को हार्दिक शुभकामनाऐं देता हूँ। उन्होंने कहा कि विश्व में यदि सबसे बड़ा कोई संत है तो वह मां है। किसी भी धर्म समप्रदाय में कोई मां अपने बच्चे को कभी झूठ, कपट एवं गलत शिक्षा नहीं देती है। वहीं विश्व में कई भयंकर बिमारिया आ रही है, जिसका मुख्य कारण है कि हमने आधुनिकता को अपना लिया है। घर में जल्दी के चक्कर खाना कुकर में बनाया जाता है, जिसमें खाना पकता नहीं बल्कि गलता है। वहीं से बिमारियां शुरू हो जाती है। इसलिए माता-बहिनें अपनी रसोई में कुकर को छोड़कर प्रारपंरिक तरीके से खाना बनाये। तभी आने वाली पढ़ी स्वस्थ रह पायेगी।

वहीं दिल्ली से पहुंचे पर्यावरण प्रेमी आर.के. बिश्नोई ने अपने संबोधन में कहा कि हम एक ऐसे समाज से आते है तो जीवप्रेम एवं पर्यावरण प्रेम के नाम से जाना जाता है। गुरू जम्भेश्वर भगवान ने 500 वर्षों पूर्व ही पर्यावरण को लेकर जो महत्ता बताई थी वो आज भी प्रारसिंगक है। हमारे पूर्वजों ने जिस पर्यावरण एवं जीवों के बचाने के लिए कुर्बानियां दी है। उनके इस नेक कार्य को आगे जन-जन तक पहुंचाने एवं केवल हिरण को लेकर ज्यादा सक्रियता दिखाने की जगह सभी जीव-जंतु एवं पेड़ों-पोधों के बचाने के लिए आगे आना होगा। नहीं आगे आने वाली पिढ़िया सवाल करेगी कि आपकेे पूर्वजों ने पर्यावरण एवं जीवों के लिए इतना बड़ा बलिदान दिया तो आपने क्या किया ? हमें आज से पर्यावरण एवं जीवों की रक्षा के लिए जागना होगा। कार्यक्रम में पहुंचे मुख्य अतिथि विधायक बलबीर लूथरा ने कहा कि बिश्नोई समाज आज पूरे विश्व में पर्यावरण एवं जीवों की रक्षा के लिए जाना जाता है। इस मौके पर बिश्नोई समाज को श्री गुरू जम्मेश्वर भगवान के 572वें जन्मोत्सव पर बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाऐं देता हूँ। सालों पहले पर्यावरण को बचाने के लिए बिश्नोई समाज से आने वाली माता अमृतादेवी ने अपने गांवों वालों के साथ पेड़ों के लिए अपने परिवार का सर्वसव बलिदान कर दिया था, जिसकी वजह से बिश्नोई समाज की पूरे विश्व में पहचान बनी। कार्यक्रम के अंत में मंदिर समिति ने पिछले तीन साल के कार्यकाल का लेखाजोखा प्रस्तुत किया। वहीं मंदिर की नई कार्यकारिणी के लिए 16 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की गई।

गुरूवार की रात मंदिर के प्रधान एडवोकेट राजाराम पूनियां के गंभीर चोटिल होने पर समाज ने उनके जल्द स्वच्छ होने की कामना की। आप को बता दें कि गुरूवार की रात एडवोकेट पूनियां अपने ही घर में फिसलकर गिरने से गंभीर चोटिल हो गये थे, जिसके बाद उनका श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर स्थित एक निजी हॉस्पीटल में ऑपरेशन करना पड़ा था। अब उनके स्वास्थ्य में सुधार है। पूनियां के पारिवारीक सूत्रों ने बताया कि रविवार देर शाम तक हॉस्पीटल से उनको छूट्टी मिल सकती है। जिसके बाद सर्वसम्मिति से 16 अक्टूबर को बिश्नोई समाज की स्थापना दिवस पर नई कार्यकारिणी को लेकर रूपरेखा बनाई जायेगी। कार्यक्रम में पूर्व विधायक लालचंद मेघवाल, वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर निहालचंद खीचड़, विधायक बलबीर लूथरा, दिल्ली से पर्यावरण प्रेमी आर.के. बिश्नोई, तहसीलदार विनोद कुमार, अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के पूर्व अध्यक्ष रामस्वरूप मांझू मुख्य अतिथि रहे। मंच संचालन एडवोकेट संदीप धारणियां ने किया। वहीं लंगर व्यवस्था में अखिल भारतीय सेवक दल की तहसील ईकाई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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