Home राजस्थान घड़साना (श्रीगंगानगर) घड़साना : ये कैसी मां, बंद दुकान में खरीददारी करती रही, बच्ची फुटपाथ पर रोती रही, तहसीदार की पड़ी नजर, फिर क्या हुआ, देखे पूरी खबर …

घड़साना : ये कैसी मां, बंद दुकान में खरीददारी करती रही, बच्ची फुटपाथ पर रोती रही, तहसीदार की पड़ी नजर, फिर क्या हुआ, देखे पूरी खबर …

घड़साना। आज मण्डी में एक ऐसा नजार सामने आया जिसको देखकर एक मां की ममता भी शर्मसार हो गई। एक ताला लगी दुकान के सामने 4 वर्षीय बच्ची दुकान के आगे फुटपाथ पर रो रही थी। गनीमत रही कि समय रहते उस बच्ची पर तहसीलदार की नजर पड़ गई और बच्ची की जान बच गई। मिली जानकारी के अनुसार कोविड-19 के तहत कस्बा बंद था, लेकिन दुकानदार ने तीन-चार महिला ग्राहकों को अंदर बंदकर दुकान के आगे ताला लगाकर घर चला गया। इसी दौरान एक महिला अपने चार वर्षीय बच्ची को दुकान के बाहर ही भूल गई, जिसकी तरफ न तो दुकानदार ने ध्यान दिया और न ही अन्य ग्राहकों की इस पर नजर गई। प्रशासन के डर से आनन-फानन में सभी दुकान में बंद हो गये ओर अंदर खरीददारी में व्यस्त हो गये। वहीं दूसरी और दुकानदार दुकान के आगे ताला लगाकर अपने घर चलता बना, ताकि प्रशासन को पता ही न चले कि दुकान के अन्दर खरीदारी चल रही है। लेकिन दुकानदार की पोल एक चार वर्षीय बच्ची ने उस समय खोल दी जो लापरवाही पूर्वक दुकान से बाहर रह गई और वह रोने लगी। नियमित गश्त के दौरान स्थानीय प्रशासन का अमला जब वहां से गुजरा तो दस्ते में शामिल तहसीलदार दानाराम लूणा की नजर बच्ची पर पड़ी जो प्यास एवं भूख से त्रस्त रो रही थी। उन्हें एक छोटी सी बच्ची को देख कुछ शंका हुई कि आखिर बंद दुकान के बाहर यह अकेली मासूम कैसे खड़ी है। इसी उधेड़बुन में तहसीलदार ने बच्ची के पास पहुंचे। पहले तो उसे पानी पिलाते है, फिर उसे खाने को कुछ देते है। जब बच्ची चुप होती तो उसे पूछा गया कि बेटी तुझे यहां किसने छोड़ा और क्यों रो रही हो … बच्ची की बात सुनकर तहसीलदार के पैरों तले जमीन खिसक गई। बच्ची ने बताया कि उसकी मां इस दुकान में बंद है। तब जाकर पूरा माजरा समझ में आया। तहसीलदार ने तुरंत पुलिस को बुलाकर दुकान का ताला खुलवाने का प्रयास किया। दुकानदार को सूचना दी गई जिसके बाद उसने दुकान पर पहुंचकर ताला खोला तो अन्दर का नजारा ही कुछ और था, अन्दर 5 से 7 महिला ग्राहक कपड़ों की खरीददारी कर रही थी। तहसीलदार दानाराम लूणा ने पहले तो पूछा कि बच्ची की मां कौन है ? काफी देर बाद एक महिला ने कहा कि बच्ची उसकी है, और जल्दबाजी में बाहर भूल गई। इस पर तहसीलदार ने फटकार लगाते हुए कहा कि कैसी मां हो… जो बच्ची का ख्याल भी नहीं रख सकती। अभी हाल में एक ऐसी घटना में प्यास की वजह से बच्ची की मौत हो गई थी। इतनी भयंकर गर्मी पड़ रही है और बच्ची बाहर अकेली रो रही है, जिसका प्यास के मारे बुरा हाल है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर मीडियाकर्मी भी पहुंच गये। मीडिया के सवालों पर तहसीलदार दानाराम लूणा ने बताया कि एक महिला की लापरवाही सामने आई है जो आनन-फानन में बच्ची को श्यामलाल सतीशकुमार  दुकान के बाहर भूल गई और खुद अंदर खरीददारी करने लगी।  जुर्मान के डर से बाहर से ताला लगाकर चला गया है। बच्ची पर नजर पड़ी तो उन्हें संदेह हुआ। बच्ची का नाम नेहा है। फिलहाल दुकान पर 10 हजार रूपये का जुर्माना लगाया गया है और कोरोना गाईडलाईन के अवहेलना पर दुकान को 72 घण्टे के लिए सीज कर दिया है। लूणा ने बताया कि यदि इस प्रकार की घटना आगे भी पाई गई तो आपदा एक्ट में मामला दर्ज किया जायेगा। इस मौके पर कोविड केयर प्रभारी प्रदीप पूनियां, स्थानीय पुलिस अधिकारी, पटवारी एवं गिरदावर मौजूद रहे।

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