Home राजस्थान रावलामंडी (श्रीगंगानगर) रावलामंडी : घड़ीसाज बाप एवं बेटा बने जालसाज, ज्वैलर्स की दुकान की आड़ में लगाई लाखों रूपये की चम्पत, शिकायत दर्ज

रावलामंडी : घड़ीसाज बाप एवं बेटा बने जालसाज, ज्वैलर्स की दुकान की आड़ में लगाई लाखों रूपये की चम्पत, शिकायत दर्ज

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रावलामंडी। कस्बे में घड़ीसाज का काम करने वाले बाप बेटे ने ज्वैलर्स के धंधे में कदम रखते हुए गहने बनाने का काम शुरू किया था। लेकिन ईमानदारी की कमाई से पेट नहीं भरा तो बाप एवं बेटे ने मिलकर चण्डीगढ़ के नजदीक खरड में राजस्थान ज्वैलर्स के नाम से आर्य काॅलेज रोड़ जिला मोहाली ट्रायसिटी मे दुकान खोलकर ठगी का अखाड़ा खोला। वहीं इन जालसाज बाप-बेटे का एक दूसरा लड़क रावलामंडी में लवली ज्वैलर्स के नाम से दुकान संचालित करता है। पंजाब से ही छोट बेटे एवं बाप ने ठगी का कारोबार शुरू किया। जिसमें अपने रिश्ते में लगते एक आईएएस अधिकारी की जान पहचान का फायदा उठाते हुए लाखों की ठगी कर आरोपी पंजाब से फरार हो गये। अब पीड़ित ने चण्डीगढ एसएसपी को परिवाद देकर न्याय की गुहार लगाई है। चण्डीगढ़ पुलिस के एसएसपी को दिये परिवाद में पीड़ितों ने बताया कि राजस्थान के श्रीगंगानगर तहसील के रावलामंडी तहसील के वार्ड नम्बर 5 में रहने वाले जयपाल सोनी एवं उसके बेटे सुनील ने खरड़ में राजस्थान ज्वैलर्स के नाम से दुकान खोली थी। जिसमें ग्राहकों एवं दुकानदारों को विश्वास दिलवाने के लिए शुरू-शुरू में अपना व्यवहार सही रखा। इसके बाद इनमें व्यापारियों का विश्वास बढ़ता गया। इस विश्वास का फायदा उठाते हुए बाप-बेटे ले ज्वैलर्स व्यवसाय से जुड़े एक दर्जन के करीब व्यापारियों का लाखों का चुना लगाकर मौके से फरार हो गये। मामला उस समय सामने आया जब 1 अगस्त को आरोपियों के फरार होने की सूचना मिली। आरोपी राजस्थान में कार्यरत एक आईएएस अधिकारी के बुआ का लड़का है, बस उसी के नाम का फायदा उठाते हुए बाप जयपाल सोनी एवं बेटे सुनील ने अपने जाल में फंसा कर घटनाक्रम का अंजाम दिया। जालसाज बाप-बेट ने न किसी दोस्त को बक्सा और न ही अपने नजदीकी रिश्तेदार को, सब को जमकर चम्पत लगाई। सबसे पहले चण्डीगढ़ सेक्टर – 23 में स्थित एक ज्वैलर ने चंडीगढ़ एसएसपी को परिवाद देकर बताया कि उक्त आरोपी दिसम्बर 2019़ में उसके यहां पर आया था और वह मेरे यहां से खरीद्दारी करने लगा। जिसके बाद वह इसी साल जुलाई में फिर से उसके यहां आकर खरीददारी की। लेकिन इस बार उसने विश्वास बढ़ाने के लिए उसे 34 हजार के बदले 3 लाख का चैक दिया। जोकि उसके यहां जमा हो गया। आरोपी 31 जुलाई को फिर से उसके पास आया। इस बार उसने 20 लाख 76 हजार रूपये के गहने खरीदे और 7 लाख रूपये का चैक दे गया। यह चैक 15 अगस्त को बैंक से बाउंस होकर वापिस आ गया। बाउंस होते ही व्यापारी के हाथ-पावं फूल गये। उसने आरोपी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन मोबाईल लगातार स्वीच आॅफ आ रहा था। जब पीड़ित आरोपी की दुकान पर गया तो दुकान बंद मिली। वहीं खरड़ के ही रहने वाले अशोक कुमार ने अपने साथ हुई 12 लाख रूपये की रकम के साथ ही गहने की ठगी का खुलासा करते हुए स्थानीय पुलिस में परिवाद देकर न्याय की गुहार लगाई है। फिलहाल पुलिस दोनों ही मामले की जांच में जुटी हुई है वहीं जालसाज द्वारा ठगी के शिकार हुए लोगों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है।

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